Posts

Showing posts from February, 2018

प्रेम रंग

Image
प्रेम रंग (होली) आ मल दूँ  गुलाल तुम्हारे गोरे गालो में प्रेम रंग नैनों में झूले धोने के बाद खयालों में ।। रंग गुलाबी डालूं तोहे गोरी बदन रंगीली नशा भाँग सा प्रेम रंग चढ जाये छैल छबीली ।। नीला पीला लाल गुलाबी रंगों में सराबोर करूँ तुम्हे सजाऊँ दुल्हन की तरह प्रेम रंग पुरज़ोर भरूँ ।। उड़ने लगी गुलाल दिल में आ मेरे हमजोली प्रेम रंग में डूब डूब कर खेलें आज हम होली।। गीले शिकवे आज भूलकर बोलें प्रेम की बोली प्रेम रंग में रंग दूँ गोरी तेरी दामन चोली।। भर भर मारूं मैं पिचकारी गोरी छुप न जाना मैं कान्हा तुम राधा मेरी मुझसे क्या शरमाना। । रचनाकार डी पी लहरे सर्वाधिकार सुरक्षित dplahre87@gmail.com

दूरियाँ

Image
दूरियाँ तेरी याद मुझे सता रही है क्या करूँ आग सिने में लगा रही है क्या करूँ। । ये बहारों का मौसम भी है उजड़ा उजड़ा जब तक न देखूँ तेरी चाँद सा ये मुखड़ा। । दिल में अपनी जोर नहीं ...

नशा

Image
नशा नान नान टूरा मन अब्बड नशा करत हें गांजा दारू बिडी गुटका मुंह म भरत हें। । कोनों खाथे माखुर कोनो गुडाखुर करत हें चोंगी चिलम बिड़ी पिके बिमार परत हें।। दउडे दउडे जाथें भ...

तेरे नैनों में

Image
तेरी नैनों में..... इन ऑखों में प्रेम का सैलाब है दिल के चमन में खिलता गुुुलााब है ये काजल वाली नैन प्रेम फाॅस है डूबा न ले इन ऑखों में अल्फ़ाज़ है इन कजरारे नैनों में जादू भरा देखे जो हो जाये दिवाना बावरा कातिल अदायें नैनों का तीर है उतर जाये दिल में वही प्रेम पीर है शुक्रगुज़ार खुदा का दो प्यारे नैन बनाया हाल~ए~दिल देख तुम्हे नैनों में बसाया कुदरत भी कमाल का अदा देते हैं सुरत से तो कोई ऑखों से सजा देते हैं डूब जाऊँ ये नैन सागर में गोता लगाता रहूँ प्रेम के उजागर में इन ऑखों में अजब की शरारत है नजरों से घायल करे कहाँ की शराफत है रचनाकार डी पी लहरे dplahre87@gmail.com सर्वाधिकार सुरक्षित

नेता

Image
नेता जनता ल बडे बडे सपना देखईया किसम किसम के वायदा करईया चुनई के बेरा पैसा के लालच देवईया अपन बनाव अउ जेब भरईया लोगन के आश बिसवास टोरईया अपन कहे बात ल पलटईया लालच के सेंती द...

गजल

Image
शीर्षक--एक झलक विधा--गजल रचनाकार--डी पी लहरे तेरी सुरत का मुझे एक झलक पाने दो दिल~ए~आबाद को आज संवर जाने दो।।1।। तु ही है चाॅद मेरी दिलो और जाॅन मेरी तु ही मुस्कान मेरी इश्क अरमा...

दाई ददा

Image
दाई ददा अंचरा म लुकाके दाई मोला गोरस पियाये हाथ धर के ठूमूक ठूमूक रेगे ल सिखाये तोर कोरा हे सरग बरोबर सुख के छईंहा पायेंव नान्हे ले बडे करईया महतारी के गुन ल गायेंव।। गुरतु...

वेलेंटाईन

वेलेंटाईन दिल ए जागीर में तेरा रूप बसा है मेरी ऑखों में तेरी सुरत सजा है हर सुबह तुझे पाने की आश पा कर भी नही बुझती है प्यास हँसी से महकता दिल का चाॅद मेरी सजनी मै  हूँ तेरा जा...

संगवारी

Image
संगवारी संगी संगवारी के गुरतुर हे गोठ मया हे हिरदे म नई ये कोनो खोंट मिलथे मुस्काथे त अंतस जुडाथे दु भाखा मया के बोल गुठियाथे।। दुरिहा म संगी के सुरता सताथे घेरी बेरी मिले ...

दुलौरिन बेटी

Image
दुलौरिन बेटी दुलौरिन बेटी के मया अउ दुलार अवतरथे बेटी तबले बोहाथे अमरीत के धार।।1।। श्री,लछमी,रमा,कमला नाव हे अपार किलकारी म गुंजत रथे अंगना घर दुवार।।2।। जेन घर बेटी अवतरे उॅहा खुशी के फुहार महकाथे बेटी अंगना ल सब ल देथे पियार।।3।। मयारूक होथे बेटी हर खुश होथे परवार सुधार देथे बेटी हर मईके अउ ससुरार।।4।। राखी,भाईदूज,तीजा पोरा के लेनहार बेटी बिना बिरथा हे ये जम्मो तिहार।।5।। जब सुनथे बेटी हर ददा ल बीमार दउडत भागत चले आथे करथे गोहार।।6।। काली,दुरगा,सरसती,चण्डी के अवतार बेटी से होथे घर के बढ़ती अउ बिस्तार।।7।। दुशमन बर बेटी घलो हर धर लेथे तलवार बेटी घलो ह देथे सीख अउ संसकार।।8।। मान बढ़ाथे बेटी पढ के खुश होथे रिशतेदार बेटी बेटा म भेद नई हे येही बात हे सार।।9।। रचनाकार-डी पी लहरे कबीरधाम छत्तीसगढ़

श्रृंगार रस

Image
वियोग श्रृंगार बहुत दिन काटे तुम्हारे इंतज़ार में खो गये थे कहाँ दुनियाँ के बाजार में।। तडपते थे सच यादों की बुखार में बेसुध था मैं तेरी खबर ढूंढता अखबार में ।। तन्हा करक...