तेरे नैनों में

तेरी नैनों में.....

इन ऑखों में प्रेम का सैलाब है
दिल के चमन में खिलता गुुुलााब है

ये काजल वाली नैन प्रेम फाॅस है
डूबा न ले इन ऑखों में अल्फ़ाज़ है

इन कजरारे नैनों में जादू भरा
देखे जो हो जाये दिवाना बावरा

कातिल अदायें नैनों का तीर है
उतर जाये दिल में वही प्रेम पीर है

शुक्रगुज़ार खुदा का दो प्यारे नैन बनाया
हाल~ए~दिल देख तुम्हे नैनों में बसाया

कुदरत भी कमाल का अदा देते हैं
सुरत से तो कोई ऑखों से सजा देते हैं

डूब जाऊँ ये नैन सागर में
गोता लगाता रहूँ प्रेम के उजागर में

इन ऑखों में अजब की शरारत है
नजरों से घायल करे कहाँ की शराफत है

रचनाकार डी पी लहरे dplahre87@gmail.com
सर्वाधिकार सुरक्षित

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