नेता
नेता
जनता ल बडे बडे सपना देखईया
किसम किसम के वायदा करईया
चुनई के बेरा पैसा के लालच देवईया
अपन बनाव अउ जेब भरईया
लोगन के आश बिसवास टोरईया
अपन कहे बात ल पलटईया
लालच के सेंती दल बदलईया
गरिब किसान बनिहार ल ठगईया
गुरतुर गोठियाके जनता के खवईया
पीरा नई जानय खुरसी के बईठईया
जिते तहाँ अपन रंग बदलईया
लबरा होथे नेता चुनई बेरा पाँव परईया
सत्ता ल पाके खुब ईतरईया
नेता मन ददा चिन्हय न भईया
नदा गे पहली के नेता आँसु पोछईया
लोगन के दुख पीरा चिन्हईया
अब के नेता पईसा कमईया
अपन सुख सुबिधा के बढईया
रचनाकार-डी पी लहरे
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