विधा-ग़ज़ल शीर्षक-भुला दोगे यार मुझे.. -------------------------------- लगता है भुला दोगे यार मुझे, शायद नहीं करते प्यार मुझे।। दिल की बातें जो कही आप से, ऐसे ही क्यूँ माने ख़तावार मुझे।। दुनिया की कोई फिक...
सावन में गदरा गए, फिर से खेत खलिहान। मगन होके नाचने लगे, फिर से अब किसान।। बूँद बूँद गिरे धरा पर, ये धरती का वरदान। मन सबका हर्षित हुआ, बच्चा,बुढ़ा,जवान।। पल में बादल घिर गए, लता में आई जान। हरियाली रचने लगे, ये धरा की है शान।। नदिया बहती गर्व से, नहीं कोई अभिमान पावस में मेघा बरसे, ये बादल है महान।। छम छम बूँदें नाचती, बादल सुनाते गान। जमके बरसो रे मेघा, भीग जाए हिन्दुस्तान।। शब्द रचना-डी.पी.लहरे सर्वाधिकार सुरक्षित है Dplahre87@gmail.com
देखो ये बदरा छाने लगे.. पानी अब बरसाने लगे.. शीतल शीतल पुरवाई ने.. मन को आज हर्षाने लगे.. रिमझिम रिमझिम बूंदों ने.. धरा को अब महकाने लगे.. अब हरा भरा हुआ धरा ने.. हरियाली का रंग चढ़ाने ल...
साहिबा... चेहरे से जुल्फ़ को हटाइये साहिबा.. इधर देख जरा मुस्कुराइये साहिबा.. हँसीं समां है दिल न दुखाइये साहिबा.. मुझसे दूर नहीं पास तो आइये साहिबा.. गैर नहीं हूँ मैं यूँ न दूर जा...
मिली न नसीब में वो कहानी लिखता हूँ। मेरी हसरत की मैं वो जवानी लिखता हूँ।। मुस्कुरा के दिए थे एक दिन गुलाब। कविता में वो प्यार की निशानी लिखता हूँ।। डरता है दिल जुदाई से तड़पता है। जुदाई में मेरी इन आँखों से पानी लिखता हूँ।। नहीं कटता दिन रैन तेरे बिन सजनी। तुम्हारी आस में धड़कन दिवानी लिखता हूँ।। अब तुम्हारी ही यादों में मस्त रहता हूँ। सनम तुम्ही से मेरे रगो में रवानी लिखता हूँ।। शब्द रचना-डी. पी. लहरे सर्वाधिकार सुरक्षित Dplahre86@gmail.com
मरिया भात... मरे ऊपर ले खाथव काबर मरिया भात। जियत म तो भावव नहीं मारेव काबर लात।। दुख पीरा ला देखव नहीं वाह रे मानुष जात। मरे ऊपर ले खाथव काबर मरिया भात।। दुखिया रोवथ रहिथे द...
अमर प्रेम... मेंहदी प्यार का हाथों में रचा लेना। इश्क है तुमसे हमें अपना बना लेना।। मेरी खुशियों की जहाँ में तुम हो। गजरा प्रेम का बालों में सजा लेना। मेरी धड़कन मेरी साँसें ...
**ग़ज़ल** तेरा शबाब... मिलने को तुमसे दिल बेताब है। इन आँखों में तेरा ही तो ख़ाब है।। यूँ दूर जाके हमें भुल जाना नहीं। दिलबर मेरे दिल की तु महताब है।। तेरी याद में बावला सा हो गया। त...
**भाई** हम भाईयों में है प्यार.. कभी होता नहीं तकरार.. खुशियाँ मिली है अपार.. भाई ही तो अपना संसार.. सुखी जीवन और संस्कार.. भाई होता है तारनहार.. मिलती खुशियों की बौछार.. सुख शांति और व्...
मन मतौना.. कान म तँय बाला पहिरे, गर म पहिरे माला ओ। बने गढ़े बिधाता तोला, पाही किस्मत वाला ओ।। नाक म तँय नथनी पहिरे, हाथ म पहिरे ककनी ओ। सिरतोन तोर हो जाही का, चटपट ले अब मँगनी ओ।। ...