👫कविता👫 माता-पिता और गुरू का बच्चों पर रहता अहसान है चरित्र,ज्ञान और अनुशासन का बच्चों पर रहता ध्यान है नैतिक शिक्षा सदाचार का ये विद्यार्थी का पहचान है बोझ उठाकर कापी किताब का पढ-लिख कर बनते महान हैं जहाँ मिलता है भविष्य गढने का ओ विद्यालय तिरथ धाम है खेलकुद,गीत संगीत का विद्यालय ही गुलिस्तान है बडे, बुजुर्ग और गुरू का बच्चे करते सम्मान है संघर्ष और कठिनाइयों का माता-पिता गुरू करते निदान है याद रहे ये बाल दिवस देखो हर चेहरे पर मुस्कान है रचनाकार--डी पी लहरे कापी राईट सुरक्षित है