वंदना

वंदना

कहाँ पर तुम्हरे डेरा हो मईया,शारदे-2
कहाँ पर तुम्हरे वीणा हो
मईया, शारदे-2
हमको वीणा की तान सुनाई दे
के अब हमें ज्ञान देई दे-2

तुम बीन हमरो जीवन अंधेरा
अंधेरा-2
तुम ही ने दिया जीवन को सबेरा सबेरा-2
हमरो जीवन के अंधकार मिटाई दे
माॅ शारदे
के अब हमें ज्ञान देई दे-2

माँ शारदे हम हैं बच्चे तुम्हारे
बच्चे तुम्हारे
करते हैं बिनती सांझ सकारे
सांझ सकारे
अब तो कृपा से भाग जगाई दे
जगाई दे
आके जीवन को पार लगाई दे
माॅ शारदे-2
के अब हमें ज्ञान देई दे
के अब हमें ज्ञान देई दे

हम हैं अज्ञानी हममें नादानी है
मयूर की सवारी है हाथों में वीणा-2
सबको सिखाये माॅ तुमने ही जीना
तुमने ही जीना-2
अपने शरण में भी लगाई ले
के अब हमें ज्ञान देई दे
माँ शारदे के अब हमें ज्ञान देई दे

रचना-डी पी लहरे
कबीरधाम छत्तीसगढ़

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