कविता स्टाफ

मेरा विद्यालय परिवार

1)
कोमल स्वभाव आदर्श विचार...
सामंजस्य भरा जिम्मेदार...
विद्यालय का भार है इनके कंधों पर...
रेशम सा मृदुभाषी ओ हैं श्री मान रेशम धृतलहरे सर...

2)
विद्यालय के भाग्य विधाता...
गणित के हैं ये ज्ञाता...
सूरज सा चमक है जिनके..
विद्यालय के लिए चहक है जिनके
सीटी बजाते हैं  जैसे बंशी...
ओ हैं हमारे श्री सुरज चंद्रवंशी...

3)
धरती अंबर चाॅद गगन तक
अज्ञानता का तिमिर मिटाकर
बच्चों में भरते प्रकाश प्रकाश...
ओ हैं अर्थशास्त्र भूगोल के प्रकांड श्री प्रकाश भूआर्य...

4)
रत्नाकर से आई मोती
नौ रत्नों में एक रत्ना...
अंग्रेजी के सीखे देती
नाम श्री मति रत्ना कैवर्त ....

5)
दिल से खुश मिजाजी...
हॅसी मजाक में आजादी...
सबके दिलो में खुशी की हिलोर मारती लहरें...
हिन्दी जो पढाते हैं
ओ हैं डी पी लहरे...

6)
शांत शीतल मंद ध्वनी
मुस्कान जिनकी पहचान है...
पुस्त पालन लेखा कर्म
पढाकर बच्चों में भरती ज्ञान है...
ओ हैं श्री मति सरिता महोबिया
जो विद्यार्थियोंकी शान  हैं ...

7)
हर जीव जन्तु  देवता की रचना  हम सब हैं  देवता के लाल...
जीव विज्ञान के विविध ज्ञान जो देते हैं ओ हैं हमारे श्री देवलाल...

8)
नीरस में भी रस लादे...
मधुरस से सबको नहला दे...
एकाउंटेंस बच्चों को पढाये...
प्रोत्साहन सभी को कराये...
मिठे रस सी व्यवहार खुदका....
ओ हैं श्री मति रश्मि गुप्ता ...

9)
सहज सरल मृदुभाषी
जिनकी संस्कृत में है पकड जोरदार...
दयालु ममतामयी श्री मति कुंवर रावटे पढाते संस्कृत
असरदार...

10)
रसायन का है चंदन...
रसायन का है बंधन...
जो पढाते हैं रसायन
ओ हैं श्री समारू दास टंडन ...

11)
जगमगा उठा है विद्यालय
भौतिक दीपक जलाने से...
कमजोर बच्चे हो गये बुद्धिमान
दीपा पाण्डेय मेडम के आने से...
सुधर गया भौतिक दीपा के पढाने से...

12)
खेल कुद में माहिर है...
दुनिया में जगजाहिर है...
ले जाता नेशनल खेलाने...
हाॅकी के हैं ये दिवाने...
नाम है प्यारे जे वियर एक्का...
खेलकुद में छुडाते सभी का छक्का...

13)
राजनिती के ज्ञानी हैं...
वकालत में बुद्धिमानी हैं...
ये पढाते राजनिती विज्ञान...
होशियार होते बच्चे नादान...
नाम हैं सर का श्री राजेश पाण्डे..
बच्चों को बताते अपने फंडे...

14)
प्रतिभाशाली व्यावहारिक
सबका ख्याल रखने वाली...
माँ शारदा की प्रतिमा
ज्ञान की देने वाली...
गणित विज्ञान हिन्दी में पारंगत..
विद्यालय में देती अपना शतप्रतिशत..
नाम है श्री मति प्रतिमा साहू...
इनके व्यावहार के आगे जुक जाये
केतु राहू...

15)
नाम से नहीं कोई काम होता..
सोता राम भी जागता होता..
गणित विज्ञान की बागडोर..
कन्हैया गुप्ता के ओर छोर..
खिलाने पिलाने में जोर शोर...
काम में कभी नहीं दिखाते सुस्ता..
ये हैं हमारे कन्हैया गुप्ता ...

16)
बात निराली गिरी भैया की...
पार लगाते हमारे नैया की...
जय हो जय हो गिरी गोसाई...
चाय बनाकर भी कराते पढाई...
कलयुग का हनुमान कहूँ मैं..
उनके सदाचार को प्रणाम कहूँ मै.

17)
कम्प्यूटर की भाषा अजब है..
संजय पढाते कम्प्यूटर गजब है..
बच्चे टाइपिंग पेंटिंग करते
संजय बच्चों में ज्ञान का रंग भरते
कम्प्यूटर शिक्षक संजय नारंगे
अनुशासित सभ्य दिखते चंगे...

रचना -डी पी लहरे

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