आ जादी फेर आजादी लाए ला परही, ये भारत के माटी मा। गोली फेर चलाए ला परही, बैरी मन के छाती मा।। आँखी कोनों देखाहीं ता, वो आँखी ला हेर लेबो। भारत के चारी करहीं ता, गन्ना असन पेर देबो ।। बीर सिपाही खड़े हे मोर, जम्मू कश्मीर के घाटी मा... फेर आजादी लाए ला परही ये भारत के माटी मा.. गोली फेर चलाए ला परही पापी मन के छाती मा.. अत्याचारी,पापी मन ला, देश ले मार भगाबो। धरती दाई के सेवा कर के, भारत के लाज बचाबो।। देश ला मोर कोनो छेड़हीं त, चढ़ा देबो ओला फाँसी मा.. फेर आजादी लाए ला परही ये भारत देश के माटी मा.. गोली फेर चलाए ला परही, बैरी मन के छाती मा.. शब्द रचना डी पी लहरे सर्वाधिकार सुरक्षित है By dplahre87@gmail.com