दर्दे दिल

दर्दे दिल की दवा बता दो कोई।
ओ खुशी की हँसी हँसा दो कोई।।

जिसकी खुशबू से महक जाऊँ,
महक ओ फ़िजा दिला दो कोई।।

मेरे दिल की उजड़ते बगिया में,
फूल गुलाब का खिला दो कोई ।।

गम ए आग में दिल जल रहा है,
धधकते दिल को बुझा दो कोई।।

उलझन से उलझी है दिल मेरा,
उलझे दिल को सुलझा दो कोई।।

जिते हैं लोग कैसे बिन पिया के,
उनके बगैर जीना सीखा दो कोई।।

नहीं जाऊँगी मैं दुनिया देखने,
पिया का झलक दिखा दो कोई।।

दूर भी है करीब है हमनवा,
यार को प्यार से मिला दो कोई।।

कहे दुनिया प्यार की दिवानी,
दो घुट मुझे भी पिला दो कोई।।

शब्द रचना
डी.पी.लहरे
सर्वाधिकार सुरक्षित है by
Dplahre87@gmail.com

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