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Showing posts from April, 2019

छत्तीसगढ़ी गज़ल श्रृंगार

*विधाता छंद--* *संयोग श्रृंगार* *जिया ला बान मारे* 1222...1222...1222..1222 जिया ला बान मारे ओ,कसम से तोर मुस्काई। सुरुज चंदा लजाये हे बही का तोर सुघराई।।1 चमकथे माथ के टिकली,खनकथे हाथ के चूरी। फबे हे ...

जगार सरसी

सरसी छंद शीर्षक-जवान उठव उठव गा अब तो भइया, जागव वीर जवान, तुँहर बाँह मा जोश भरे बर,आये नवा बिहान।।1 जे सोवय सो खोवत रहिथे,जागव पावव मान। धरती माँ के जतन करे बर,देवव छाती तान।।2 ...

छत्तीसगढ़ी गज़ल श्रृंगार

छत्तीसगढ़ी गज़ल श्रृंगार-गियाँ तैं मोर... 1222..1222..1222..1222 गियाँ तैं मोर जिनगानी, मया के तै कहानी ओ। करेजा चान के ले ले,मया के तैं  निशानी ओ।।1 मिला नैना चला जादू,मया के गोठ कर ले ना। म या मौस...

दोहा सामाजिक समस्या

दोहा .. शीर्षक--समाजिक समस्या.. (अँधविश्वास) नइ होवय जी टोनही,नइ हे भूत परेत। ये सब अँधविश्वास हे,मन ला राखव सेत।।1 झाड़ फूँक के नाँव मा,बइगा पैसा खाय। ठग मन ठगथें पेट बर,लोगन ला भ...

दोहालरी श्रृंगार

दोहालरी--मन मोहनी तिहीं मोर ओ जोगनी,हिरदे के उजियार। आ राधा मन मोहनी,जिनगी मोर सँवार।।1 गोरी तोरे रूप मा,चंदा घलो लजाय। हरियर पहिरे हाथ के,चूरी ला खनकाय।।2 करिया बादर छाय जस,...

करमा गीत

करमा गीत... हाय रे... करमा नचाहूँ तोल,करमा नचाहूँ तोला। करमा नचाहूँ तोला ओ..ll2 करमा नचाहूँ गोरी,आबे मोर गाँव  मा। झुलना झुलाहूँ तोला,बर पीपर के छाँव..ll2 करमा नचाहूँ गोरी... बाँध लेबो द...

दोहा गीत चंदा

दोहा गीत~~ बन जा चंदा मोर तँय,बनँव सुरुज मैं तोर। जुग जुग रहिबो संग मा,मया पिरित रस घोर।। सात जनम ले संग ला,छोड़व नइ ईमान। मया हवय अनमोल ओ,थोरक तो पहिचान।। काय खवा के मोहनी,मन ला ...