छत्तीसगढ़ी गज़ल श्रृंगार

छत्तीसगढ़ी गज़ल
श्रृंगार-गियाँ तैं मोर...

1222..1222..1222..1222
गियाँ तैं मोर जिनगानी, मया के तै कहानी ओ।
करेजा चान के ले ले,मया के तैं  निशानी ओ।।1

मिला नैना चला जादू,मया के गोठ कर ले ना।
या मौसम धरे जोही, कहाँ लहुटे जवानी ओ।।2

मया करले मजा ले ले,मया के सुख तहूँ पा ले।
मया पाथे जगत मा जान,ओही भागमानी ओ।।3

रहे हरियर मया बगिया,मया के फूल महके ना।
कभू मुरझाय झन दौना,मया के डार पानी ओ।।4

सदा ये *द्वारिका* हे तोर,सँवरेगी बसा जिनगी।
बरै दीया सदा जोही,मया के आसमानी ओ।।5

गज़लकार
डी.पी.लहरे
कवर्धा छत्तीसगढ़

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