मोर भारत भुईयां.... मोर भारत भुईयां के का करव मैं बखान जम्मो बर बरोबर बने हवे इंहा के सबिधान।।।। सोन चिरईया भारत भुईयां के दुनिया म हवे मान तीन रंग के तिरंगा जेखर हवे पहिचा...
बसंतोत्सव रचना-डी पी लहरे ओ बसंत पवन देखो,मन में भरे उल्लास रात होती सुहावनी हर दिन होता खास।। कोयल की तान छिड़ी कुके अमुवा के डार जग को खुशी देने आ गया बसंत बहार। । सरसों का ...
पागा कलगी-12/2/डी पी लहरे बन के रूख म आरी चलावव झन बन के रूख ल उजारव झन। पंछी परानी ल मारव झन। देवता होथे परकृति ह बिगडथे हमर संस्कृति ह अपन सुवारथ ल बढावव झन। पंछी परानी के बली चढ...
ऋतुराज का आगमन है आज सर्दी-गर्मी का समागम है आज।। बसंत करते खुशियों की बरसात जीवन में भरते उमंग उल्लास। । कोयल सुनाते मिठी तान मधुकर गाते मधुर गान।। बासंती पुरवाई चले नील ...
गुलशन वादियों के नजारे हम क्या देखें ... सोखियों के इशारे हम क्या देखें... इन फ़िजाओं में घुला घुला इत्र.. उनकी यादों का असर है विचित्र.. फूलो की रंगत को देख कैसे नूर छाई है यहाँ या...
आशीष जनम दिन का.... अरमानों का ये अमन है दिल का मेरे ये चमन है मुबारक हो तुम्हे लाल मेरे आज तुम्हारे जनम है... मंजिल तुम्हारे आसान रहे माॅ-बाप का अहसान रहे हो सलामत जिन्दगी तुम्ह...
ठंडी पवन हल्की सी ठंडक, हल्की सी धूप .... हर जगह दिखे गोरी तेरा रूप... ठिठूर रहा है दिल आज कल... तुम ही से होती है दिल में हलचल... ओश की बुंदे दिल में टपके... गोरी के नखरे है जरा हटके... दिल के अ...