माटी के मितान

पागा कलगी 13 के रचना

14 JULY 2016 · PUBLIC

पागा कलगी-13/1/डी .पी .लहरे

माटी के मितान ------------------------- धर के नांगर बईला तैहा धनहा डोली जाथस•• कभु बो देथस बीज ल तैहा कभु परहा लगाथस••सब कहिथें तोला किसान रे "मोर माटी के मितान"दिन भर खेत म रहिके तैहा जांगर टोर कमाथस•• पानी, झडी म रहिके तैहा बासी चटनी खाथस••सब कहिथें तोला महान रे "मोर माटी के मितान"जम्मो परानी के पेट भरथस धरती के सेवा करथस••का गरमी का बरसा म तैहा हंकर हंकर कमाथस•• धरती दाई के कोरा म तैहा रंग रंग अन उपजाथस••तोला कहिथें भूईयाॅ के भगवान रे मोर"माटी के मितान"रचना-डी .पी .लहरे कबीरधाम छ .ग

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