बसंतोत्सव

बसंतोत्सव

रचना-डी पी लहरे
ओ बसंत पवन देखो,मन में भरे उल्लास
रात होती सुहावनी हर दिन होता खास।।
कोयल की तान छिड़ी कुके अमुवा के डार
जग को खुशी देने आ गया बसंत बहार। ।

सरसों का फ़ूल टेसू का रंग रग रग में बासंती उजास
पीले वसन में कर ले माॅ शारदा का उपवास
अमुवा के बौर में कोयल कुके हजार
ओ बसंत पवन देखो लायें हैं खुशियाँ अपार। ।

ये बसंत ॠतु से देखो शुरू है सोलह संस्कार
ऋतुओं का राजा करता खुशियों का संचार
विद्या की देवी का आज आया त्योहार
माँ शारदे कर दे हमपे ज्ञान के बौछार।।

रंग बिरंगे फूल खिले धरती करे श्रृंगार
सरसों,टेसू सेंम्बल सब फूलों का भंडार
भौरे गुनगुनाते उडे डार डार
खुशियों से सब झूमें सबके सपने हो साकार। ।

बसंत पंचमी 22-01-18

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