ठंडी पवन
ठंडी पवन
हल्की सी ठंडक, हल्की सी धूप ....
हर जगह दिखे गोरी तेरा रूप...
ठिठूर रहा है दिल आज कल...
तुम ही से होती है दिल में हलचल...
ओश की बुंदे दिल में टपके...
गोरी के नखरे है जरा हटके...
दिल के अलाव में हाथ सेंके..
ठंडी हवा भी नजारा देखे...
धुआं धुआं सा दिल की वादियां...
सुरज की लाली ने खोली बेड़ियां...
दिल थरथराते कांपे तन मन...
कहाँ से आये ये ठंडी पवन...
न सजनी का पता न साजन का शोर...
जाडे में शीतल पवन चारो ओर...
दिल का धूप मलुं गोरी के गालो में...
दिल मेरा खोया गोरी के खयालो में..
रचनाकार--डी पी लहरे
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