Posts

Showing posts from February, 2019

दोहा गीत

*दोहा गीत..श्रृंगार* ** ढ़ीले चोखी बान** तन ला अबड़ सजाय ओ ,मारे शेखी पान। मिरगिन जइसन नैन ले,ढ़ीले चोखी बान।। रंग बिरंगी फूल कस,छाय हवस तँय आज। चंदा लागय चेहरा,अइसन तोरे  साज।। त...

लावनी छंद गीत दीवाना

(श्रृंगार गीत) दीवाना तोर रूप के हँव दीवाना,झुलथस हरदम नैना मा। का जादू का मंतर मारे,गुरतुर बोली बैना मा।। आठो  पहरी सुरता आथे,सुधबुध ला भूला डारे। बन भौंरा  कस माते रहिथौं,...

सार छन्द गीत (होली)

Image
सार छंद गीत (होली)...  रंग मया के बरसावव जी,बोलव गुरतुर बोली।  बैर भाव ला सबो भुलाके,बने मनावव होली।।  दया मया हा बने रहय जी,राखव बड़ चिनहारी।  मिलके गावव फाग मया के,रंग भरव पिचकारी।।   रंग सबो बर लाल गुलाबी,धरके घर घर जावव।  बैरी मन बन जावव हितवा,दया मया बगरावव।।   उड़य गुलाली गाँव गली मा,कर लव हँसी ठिठोली.....  बैर भाव ला सबो भुलाके,बने मनालव होली.....ll1   धूम मचावव नंगाड़ा के,सबझन नाचव गावव।  मिलके छोटे बड़े सबो झन,फगुवा गीत सुनावव।।  चिक्कन चाँदन झन राहँय जी,रंगव  झारा झारा।  तिलक लगाये सब ला संगी,जावव आरा पारा।।  जुर मिल के सब संगे खेलव,अपनबनावव टोली....  भैर भाव ला सबो भुलाके,बने मनालव होली.....ll2  एक बझर मा आय हवय जी,रंग मया के डारव। आपस मा सब भाई भाई,राग द्वेष ला टारव।।   दया मया ला बाटे बर जी ,देखव होली आये। गला मिलव आपस मा संगी,खुशी आज हे छाये।।  बाँट मया ला सबला भइया,भर भर के गा झोली....  बैर भाव ला सबो भुलाके,बने मनालव होली.....ll3  गीत डी.पी.लहरे  बा...

का लिखौं

श्रृंगार नजर आथे का लिखौं सब मा श्रृंगार नजर आथे। जीव जगत सब मा प्यार नजर आथे।। सोये जागे बिहनिया रतिहा चारो कोती, जग मा मोला भइया बहार नजर आथे।। सगरी सुख मिले हे मोला जिनगी ...

सार छन्द गीत श्रृंगार अलबेली

सार छन्द गीत श्रृंगार (अलबेली) मुटुर मुटुर बड़ देखे गोरी,कुलके बड़ अलबेली। चिक्कन चिक्कन गाल हवय ओ,आँखी हे कजरेली।। होठ तोर ओ लाली लाली,मुचमुच ले मुस्काये। बोले गुरतुर गु...

गीत चेहरा

*गीत..* *आँखी के पुतरी* (1) *तोरेच खातिर मैं चेहरा ला सजाये हँव।* *आँखी मा काजर कस तोला मैं अँजाये हँव।।* *तिहीं मोर जिनगी के आश दीया बाती रे।* *जनम जनम के तैं मोर हावस साथी रे।।(1)* *आँखी के ...