दोहा गीत
*दोहा गीत..श्रृंगार*
** ढ़ीले चोखी बान**
तन ला अबड़ सजाय ओ ,मारे शेखी पान।
मिरगिन जइसन नैन ले,ढ़ीले चोखी बान।।
रंग बिरंगी फूल कस,छाय हवस तँय आज।
चंदा लागय चेहरा,अइसन तोरे साज।।
तोर सहीं मन मोहनी,नइ हें गउ ईमान....
मिरगिन जइसन नैन ले,ढ़ीले चोखी बान.....1ll
लाली लुगरा अंग मा,टिकली चमके माथ।
फुल्ली फभथे नाक मा,चूरी खनके हाथ।।
लहर लहर लहरात हे,करिया चूंदी तोर।
नागिन जस बलखाय ओ,छाय घटा घनघोर।।
लाल लाल ओ ओंठ हे,खाये बीरा पान....
मिरगिन जइसन नैन ले,ढ़ीले चोखी बान....2ll
मुचमुच ले मुस्कान ओ,मन ला मोरे भाय।
एक नजर ओ देख के,जादू तिहीं चलाय।।
कंचन काया तोर हे,लग गे सोला साल।
गढ़े कोन ओ रूप ला,हावस माला माल।।
बन जा रानी मोर ओ,अपन मयारू जान....
मिरगिन जइसन नैन ले,ढ़ीले चोखी बान....ll3
रचना डी.पी.लहरे
सर्वाधिकार सुरक्षित है BY dplahre87@gmail.com
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