गीत चेहरा
*गीत..*
*आँखी के पुतरी* (1)
*तोरेच खातिर मैं चेहरा ला सजाये हँव।*
*आँखी मा काजर कस तोला मैं अँजाये हँव।।*
*तिहीं मोर जिनगी के आश दीया बाती रे।*
*जनम जनम के तैं मोर हावस साथी रे।।(1)*
*आँखी के पुतरी मा तोला मैं बसाये हँव....*
*तोरेच खातिर मैं चेहरा ला सजाये हँव....*
*कुलकत रहिथँव मैं तोर सुध आथे रे।*
*मन मोरे माने नहीं तोर कोती जाथे रे।।(2)*
*तोर नाँव के मेंहदी मोर हाथ मा रचाये हँव.....*
*तोरेच खातिर मैं चेहरा ला सजाये हँव....*
*तिहीं मोर मन के राजा मैंहा तोर रानी रे।*
*तोर बर अरपन हे संगी मोर जवानी रे।।(3)*
*हिरदे के भीतरी मा तोला मैं लुकाये हँव....*
*तोरेच खातिर मैं चेहरा ला सजाये हँव....*
*तिहीं मन मंदिर के घंटी ला बजाये रे।*
*जादू चला के तिहीं मया ला जगाये रे।।(4)*
*मया के मंदिर मा फूल मैं चढ़ाये हँव....*
*तोरेच खातिर मैं चेहरा ला सजाये हँव....*
*आँखी के पुतरी मा तोला मैं बसाये हँव....*
*तोरेच खातिर मैं चेहरा ला सजाये हँव....*
*गीत*
*डी.पी.लहरे*
*व्याख्याता हिन्दी*
*बायपास रोड़*
*कवर्धा*
*दिनाँक* *01-02-19*
*सर्वाधिकार सुरक्षित है*
*By dplahre87@gmail.com*
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