पसंदीदा गीत

गीत...(1)
*नायक+नायिका*
दिल दिवाना होगे ओ तोर प्यार मा तोर प्यार मा
मन मस्ताना होगे ओ तोर प्यार मा तोर प्यार मा
अंतरा(१)
चला डरे का जादू,दिल होगे तोर काबू।
बहार दिल मा छागे,तिहार जइसे लागे।

मौसम सुहाना होगे ओ तोर प्यार मा तोर प्यार मा
दिल दिवाना होगे ओ तोर प्यार मा तोर प्यार मा
अंतरा(२)
रूप गजब हे गोरी,ऐ मोर चंदा चकोरी
जब-जब देखौं तोला,नीक नीक लागे मोला

बड़ मुस्काना होगे ओ तोर प्यार मा तोर प्यार मा
दिल दिवाना होगे ओ तोर प्यार मा तोर प्यार मा
अंतरा(३)
खुल्ला-खुल्ला चूँदी,ए ओ मोर फुरफुंदी
गावँव जब तोर गाना,कतको मारँय ताना

बैरी जमाना होगे ओ तोर प्यार मा तोर प्यार मा
दिल दिवाना होगे ओ तोर प्यार मा तोर प्यार मा

गीत
डी.पी.लहरे"मौज"
कवर्धा छत्तीसगढ़

गीत...(2)

मोर मन के दरद ला दिखावँव  कहाँ।
कोन समझै मया ला बतावँव कहाँ ।
अंतरा(१)
आँखी ले बोहे मोर पानी।
दगा देके बोरे जिंदगानी।

मोर मया ला कइसे भुलाये।
मया के महुरा कइसे पियाये।

तोर बिन मैं कइसे जीवँव...
देख आँसू कइसे पीयँव...

मोर मन के दरद ला दिखावँव  कहाँ।
कोन समझै मया ला बतावँव कहाँ।

अंतरा(२)
जा बेवफा जा दीवानी
मिटाये मया के निशानी

आगी रे बैरी का सुलगाये
मोर मया के फूल मुरझाये

गहूँ के संग रगड़ाबे तहूँ
धोखा अइसे खाबे तहूँ

झूठ धोखा मया सेहरावँव कहाँ

मोर मन के दरद ला दिखावँव  कहाँ।
कोन समझै मया ला बतावँव कहाँ।

गीत
डी.पी.लहरे"मौज"
कवर्धा छत्तीसगढ़

गीत..(3)
खुनूर खुनूर खुनूर खुनूर कँगना बोले।
लिचलिच गोरी के कनिहा डोले।//2

गर मा पहिरे हे नवलखिया हार-2
कान मा सोनहा के पहिरे ढार..
खुनूर खुनूर खुनूर खुनूर कँगना बोले।
लिचलिच गोरी के कनिहा डोले।//2
अंतरा(१)

आँखी मा काजरा अँजाये हे गोरी
बेनी मा गजरा गुँथाये हे गोरी।।/2

मया भेद गोरी हा कइसे खोले-2
 खुनूर खुनूर खुनूर खुनूर कँगना बोले।
 लिचलिच गोरी के कनिहा डोले।//2

अंतरा(२)
लागत हावय ऐ चंदा चकोरी।
बाँह मा पहिरे हे करिया के डोरी।

बोली बतरस मा मिसरी घोले-2
खुनूर खुनूर खुनूर खुनूर कँगना बोले।
लिचलिच गोरी के कनिहा डोले।//2

विरह गीत..(4)
जीये मरे के मोला किरिया खवा के-2
अपन मया के बैरी लाहर लगा के-2
काबर छोड़े मोला-2दिवाना बना के-2
जीये मरे के मोला किरिया खवा के-2
अंतरा(१)
मोर बरबादी मा तोर हाथ हावय ओ।
पीरा ए तन के बैरी नइ सहावय ओ।
चूर-चूर कर डारे-2सपना सजा के।
जीये मरे के मोला किरिया खवा के-2
अंतरा(२)
छोड़ के मोला जोही बड़ पछताबे तैं
मोर सहीं दिलवाला कोन मेर पाबे तैं
कइसे भुलाये मोला-2मया मा फँसा के।
जीये मरे के मोला किरिया खवा के-2

गीत...(5)

मोर शायरी,मोर दिल के डायरी मा गोरी तैं।
मोर भीतरी,मोर मन के खोंधरी मा गोरी तैं।
*ए तन-मन मा ए धड़कन तोर प्यार हे*
मोर शायरी,मोर दिल के डायरी मा गोरी तैं।।
मोर भीतरी,मोर मन के खोंधरी मा गोरी तैं।।

अंतरा-(१)
*नायक*
तैं जिंदगी मोर तैं बंदगी ओ।।
*नायिका*
तैं दोस्ती मोर तैं आशिकी रे।।
*ए रग-रग मा,ए पग-पग मा,तोर प्यार हे*
मोर शायरी,मोर दिल के डायरी मा गोरी तैं।
मोर भीतरी,मोर मन के खोंधरी मा गोरी तैं।

अंतरा(२)
*नायक*
तैं चाँदनी मोर तैं रोशनी ओ।।
*नायिका*
तैं सादगी मोर तैं हरखुशी रे।।
*मन मधुबन मा,तन मधुबन मा,तोर प्यार हे*
मोर शायरी,मोर दिल के डायरी मा गोरी तैं।
मोर भीतरी,मोर मन के खोंधरी मा गोरी तैं।

*नायक+नायिका*
*मोर शायरी,मोर दिल के डायरी मा राजा तैं।*

गीत..(6)
तोर संग हावय पिरिया जहुँरिया।
कर लेना ओ मोर भरोसा-2

छोड़ँव नहीं मैं अक्केला ओ तोला-2
जब तक शरीर मा हे साँसा...
तोर संग हावय पिरिया जहुँरिया।
कर लेना ओ मोर भरोसा-2

अंतरा-१
रानी बरोबर रखहूँ मैं तोला।
बँइहा के झूलना झुलाहूँ।
जेने डरह तोर पँउरी हा परही।
मया के फुलवा बिछाहूँ।।

देहू मया के अइसे चिन्हारी-2
सुरता रखय ऐ जमाना।

अंतरा-२
कुरिया मया के ऐ ओ जहूँरिया
मिलके दूनों हम सजाबो।
कतको गरेरा दुख के आही।
जिनगी ला हँसके पहाबो।।

तोर हाथ ला मोर हाथ म दे दे-2
बन जाना ओ मोर सहारा।।

गीत-
डी.पी.लहरे"मौज"
कवर्धा

करमा गीत...(7)
*नायक*
तोर मया,के पी के मतौना गोरी
 मात गेहे मन मोर..
*नायिका*
तोर मया,के पी के मतौना जोही
 मात गेहे मन मोर..

*नायक*
नैना से नैना मिलाये गोरी ओ...2
*नायिका*
दीवानी मोला बनाये जोही रे...2

*नायक*
तोर मया,के पी के मतौना गोरी
 मात गेहे मन मोर..
*नायिका*
तोर मया,के पी के मतौना जोही
 मात गेहे मन मोर..

अंतरा-(१)
*नायक*
जबले तैं आये ए जिनगी मा,
होगे हे ओ अँजोरी।
*नायिका*
बाँधे रहिबे ए मोर राजा,
तैं हा मया के डोरी।।

*नायक*
नैना से नैना मिलाये गोरी ओ...2
*नायिका*
दीवानी मोला बनाये जोही रे...2

*नायक*
तोर मया,के पी के मतौना गोरी
 मात गेहे मन मोर..
*नायिका*
तोर मया,के पी के मतौना जोही
 मात गेहे मन मोर..

अंतरा(२)
*नायक*
तोर मया के संझा बिहनिया,
जले ओ दीया बाती।
*नायिका*
मया हमर ए जुग-जुग राहय,
अतके आशा हे साथी।।

*नायक*
नैना से नैना मिलाये गोरी ओ...2
*नायिका*
दीवानी मोला बनाये जोही रे...2

*नायक*
तोर मया,के पी के मतौना गोरी
 मात गेहे मन मोर..
*नायिका*
तोर मया,के पी के मतौना जोही
 मात गेहे मन मोर..

गीतकार
डी.पी.लहरे"मौज"
कवर्धा छत्तीसगढ़

गीत..(8)
*नायिका*
कंगना पहिरादे राजा,चूरी पहिरादे राजा-2
तोर नाँव के मोला,तोर नाँव के-2

*नायक*
कंगना पहिराहूँ रानी,चूरी पहिराहूँ रानी-
मोर नाँव के तोला,मोर नाँव के-2

अंतरा-1 *नायिका*
नाता हे तोर से जनम-जनम के।
साथ निभाबे साँथिया।
वादा हे मोर से मया-पिरित के।
फूल खिलाबे साँथिया।।

हे चाँद सितारा सुरुज गवाही।
सेंदूर सजादे साजना।
ए धरती अउ गगन गवाही।
माँघ सजादे साजना।।

*नायिका*
कंगना पहिरादे राजा,चूरी पहिरादे राजा-2
तोर नाँव के मोला,तोर नाँव के-2
*नायक*
कंगना पहिराहूँ रानी,चूरी पहिराहूँ रानी-
मोर नाँव के तोला,मोर नाँव के-2

अंतरा(२)
मैं नइ जानँव दुनियादारी।
तोला जानेंव बालमा।
ममहावत गमके फुलवारी।
तोला मानेंव बालमा।।

सौंपत हावँव मैं जिनगी ला।
ए राजा तोर हाथ मा।
उमर पहा देहूँ मैं सिरतोन।
ए राजा तोर साथ मा।।

*नायिका*
कंगना पहिरादे राजा,चूरी पहिरादे राजा-2
तोर नाँव के मोला,तोर नाँव के-2
सैड सान्ग(9)
*नायक*
दे के मया मा जहर,होगे ओ तैं बेखबर-//2
तोर जिनगी अधूरा हे मोर बिन।
मोर जिनगी अधूरा हे तोर बिन।

*नायिका*
हे जमाना के नजर,कइसे होही रे गुजर।
तोर जिनगी अधूरा हे मोर बिन।
मोर जिनगी अधूरा हे तोर बिन।

*नायक*
नइ तो समझे तैं मया,कइसे दे दे ओ दगा//2
*नायिका*
मोर होते रे तैं सगा,नइ देतेंव तोला दगा//2

*नायक*
कोन जनम के बदला ए गिन-गिन।
मोर जिनगी अधूरा हे तोर बिन।

दे के मया मा जहर,होगे ओ तैं बेखबर-//2
तोर जिनगी अधूरा हे मोर बिन।
मोर जिनगी अधूरा हे तोर बिन।

*नायिका*
छोड़ मया के नशा,ऐमा नइहे रे मजा।
*नायक*
झन देना ओ सजा,मोर जिनगी ल बसा।।

मया देहूँ मैं तोला ओ छिन-छिन।
मोर जिनगी अधूरा हे तोर बिन।

गीतकार-
डी.पी.लहरे"मौज"
कवर्धा छत्तीसगढ़


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