होली

होली है।।।।

यार होली चलो मनायेंगे।
फासले दरमियाँ मिटायेंगे।

भूलकर अब यहाँ गिले शिकवे,
प्यार की धार ही बहायेंगे  ।।

झूठ धोखे यहाँ बहुत मिलते
संग होली इसे जलायेंगे।।

प्रेम के रंग में रंग जाना है,
आज सबको गले लगायेंगे।।

द्वारिका आज से हटा काँटे ,
फूल राहों में बस बिछायेंगे।।

ग़ज़ल
डी पी लहरे
बायपास रोड़ कवर्धा

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