गीत

गीत रोमांटिक श्रृंगार(12)रेस कहरवा

तोर कंगाना खनके खनखन..
मोर दिल के बढ़ावय धड़कन.....2//
तोर पाँव के पैरी गोरी--2//
बाजत रहिथे छन छन..
तोर कंगना खनके खनखन..
मोर दिल के बढ़ावय धड़कन...

अंतरा-(1)
तोर तिरछी नजर मा जादू।
जिंवरा करथे बेकाबू।
तैं मुचमुच ले मुस्काये।
मोर मन ला अब्बड़ भाये।

तोर होंठ ले मँदरस झरथे..2//
भींजत हे मोर तन मन..
तोर कंगना खनके खनखन..
मोर दिल के बढ़ावय धड़कन...

अंतरा(2)
तोर नैना हे कजरारी।
मोर दिल मा चलाथे आरी।।
तोर चमके लाली बिंदिया।
मोर ले जाथे ओ निंदिया।।

सरग सुंदरी सोन परी तैं..2//
का देखबे ओ दरपन..
तोर कंगना खनके खनखन..
मोर दिल के बढाथे धड़कन...

डी.पी.लहरे"मौज"
कवर्धा

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