गीत

गीत करमा कहरवा
*नायक*
नइ जीये सकौं ओ..
रानी तोर मया ला छोड़ के//2
*नायिका*
जीव छूट जाही गा...
राजा तोर मया ला छोड़ के//2
*नायक*
चढ़-जीना हे संग मा मरना हे संग मा
जाति के बंधन ला तोड़ के।।//2
*नायिका*
जीव छूट जाही गा...
राजा तोर मया ला छोड़ के//

अंतरा(1)
*नायक*
कुरिया मा हिरदे के कुरिया मा हिरदे के,ए मोर गोरी धाँध ले।
*नायिका*
मया के डोरी गा मया के डोरी मा,ए मोर जोही बाँध ले।
*नायक*
हँसी-खुशी ले जिनगी पहाबो
मया के रिश्ता ला जोड़ के।
नइ जीये सकौं ओ..
रानी तोर मया ला छोड़ के//2

अंतरा(2)
*नायिका*
बिंदिया सजा दे बिंदिया सजा दे,चंदा सहीं मोर माथ मा।
*नायक*
अँगना ले जाहू्ँ कँगना पहिराके,ए गोरी ओ तोर हाथ मा।
*नायिका*
जीना हे संग मा मरना हे संग मा
जाति के बंधन ला तोड़ के

नायक+नायिका
मुखड़ा

गीतकार-डी.पी.लहरे"मौज'
कवर्धा छत्तीसगढ़

Comments

Popular posts from this blog

लक्ष्मण मस्तुरिहा

छत्तीसगढ़ महतारी

मरिया भात..