पईंया पखारँव तोर ओ, मोर छत्तीसगढ़ महतारी.. मँय गुन ला गावँव तोर ओ, मोर छत्तीसगढ़ महतारी..ll1 तोर कोरा मा जनम धरे, हम तोरेच लइका तान.. कोनो हवे ओ मजदूर बेटा, हवय कोनो ओ किसान..ll2 आरती उतारँव तोर ओ, मोर छत्तीसगढ़ महतारी.. महानदी अउ अरपा पैरी, चरण तोर ओ पखारय.. हरियर करय खेत खार, अउ जीव जन्तु ला तारय..ll3 मँय माथ नवावँव मोर ओ, मोर छत्तीसगढ़ महतारी.. हरियर हरियर जंगल झाड़ी, हवे नदी पहाड़ अउ घाटी.. तोर अंचरा मा सुख पाये सब, महमावत तोर ओ माटी..ll4 आशीष ला पावँव तोर ओ, मोर छत्तीसगढ़ महतारी.. भोरमदेव,सिरपुर ,चंपारण, राजीम बढ़ावय ओ मान.. गिरौदपुरी अउ दामाखेड़ा, हवय गुरू,कबीर के धाम..ll5 रोज फूल चढ़ावँव टोर ओ, मोर छत्तीसगढ़ महतारी.. दंतेश्वरी अउ चंद्रहासनी, मोर रतनपुर महामायी.. मंदिर मस्जिद चर्च गुरुद्वारा, मोर हवय इहाँ बमलाई..ll6 अंचरा मा खेलन तोर ओ, मोर छत्तीसगढ़ महतारी.. रचनाकार डी.पी.लहरे दिनाँक 06-10-18 बायपास रोड़ कवर्धा भोरमदेव साहित्यिक सृजन मंच कबीरधाम छत्तीसगढ़
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