गीत

छत्तीसगढ़ी जस गीत

तोही ला मैं सुमिरँव ओ..
मोर जनम देवइया तोही ला मैं सुमिरँव ओ..
मोर पालन करइया तोही ला मैं सुमिरँव ओ...ll2

अंतरा-1
नानपन ले जतन करै मा,
गोरस तन के पियाये..
गोरस तन के पियाये ओ दाई गोरस तन के पियाये..ll2

तोही ला मैं सुमिरँव ओ..
मोर जनम देवइया तोही ला मैं सुमिरँव ओ..
मोर पालन करइया तोही ला मैं सुमिरँव ओ..ll2

तोर पाँव के छइँहा दाई
सरग बरोबर लागे
सरग बरोबर लागे ओ दाई
सरग बरोबर लागे..ll2

तोही ला मैं सुमिरँव ओ
मोर सुख के देवइया
तोही ला मैं सुमिरँव ओ
मोर जतन करइया
तोही ला मैं सुमिरँव ओ..ll2

अंतरा-2
तोर पूजा दिन रात हवय ओ
काया फूल चढ़ावँव
काया फूल चढ़ावँव ओ मइया
काया फूल चढ़ावँव

तोही ला मैं सुमिरँव ओ
मोर सोन चिरइया
तोही ला मैं सुमिरँव ओ
मोर जनम देवइया तोही ला मैं सुमिरँव ओ..ll2

मोर जनम देवइया
पालन करइया
सुख देवइया
गोरस पियइया,,, मइया तोही ला मैं सुमिरँव ओ...।।2

जस गीत रचनाकार
डी.पी.लहरे
बायपास रोड़ कवर्धा
दिनाँक 29-09-19

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