पंथी गीत
पंथी गीत
बोल--
सबो करलव गा संतो सतकाम..
तुमन भज लव गा भइया सतनाम..ll2
पटक--
सरग इहाँ मिल जाही हो..ll2
उड़ान--
सत के रद्दा कभू छोड़व झन संगी..ll2 बार
धर लव गुरू बाबा के धियान..
सबो कर लव....सतकाम...
अंतरा--
के दिन के ये जिनगी हावय,
के दिन के ये मेला ये..2ll
तन के का ठिकाना संगी,
ये दुनिया झमेला ये..2ll
उड़ान--
काल हा कोनो ला छोड़य नहीं संगी..ll2
राजा परजा का लइका सियान..
सबो कर लव गा संतो सतकाम..
पद--गुरू घासी बाबा के रहिस,
सत सत बानी जी..ll2
सत के अलख जगाये बाबा,
देये सत निशानी जी..ll2
उड़ान--लहरावय सादा झंडा..2ll
जोड़ा जैतखाम..
सबो कर लव गा संतो सतकाम...
अंतरा--
खाली हाथ आये संगी,
खाली हाथ जाना हे..ll2
दया मया के सागर हावय,
इहें सब कुछ पाना हे..ll2
उड़ान--
सत रद्दा मा चलबो संगी...ll2
होही जग मा नाम..
सबो कर लव गा संतो सतकाम..
तुमन जप लव गा भइया सतनाम..
सरग इहाँ मिल जाही हो,
सरग इहाँ मिल जाही हो...
गीत
डी.पी.लहरे बायपास रोड़ कवर्धा दिनाँक 11-12-2011
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