श्रृंगार( मया मैं तोर सँग करथौं )
श्रृंगार (मया मैं तोर सँग)
1222..1222..1222..1222
मया मैं तोर सँग करथौं,कहाँ तैं मोर कस पाबे।
तहीं मोरे मयारू ओ,मया धरके चले आबे।।
कभू मोला भुलाबे झन,मयारू मोर दौना ओ।
मया हे मोर पबरित ओ,कभू झन छोड़ के जाबे।।1
सजाये हौं अपन दिल मा,मया के मैं निशानी ओ।
मया देदे मया ले ले,मया के तैं कहानी ओ।
तहीं जिनगी अमर कर दे,उमर भर सँग निभाहूँ ओ।
मया ला जान जोही रे,तहीं मोरे दिवानी ओ।।2
चला गोरी मया जादू,मया के तीर आना ओ।
बसाके आज घर कुरिया,मया के गीत गाना ओ।
तु ही ला पावँ जोड़ी ओ,अपन तैं मान ले सजना।
तहीं ओ मोर सँवरेगी,मया दुनिया बसाना ओ।।3
छंदकार
डी.पी.लहरे
बायपास रोड़ कवर्धा
दिनाँक 27-03-19
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