फूल मोंगरा

सार छंद गीत
श्रृंगार (तोर कान के बाली)

फूल मोंगरा कस डोलय ओ,तोर कान के बाली।
बोहत जइसे मधुरस धारा,तोर होठ के लाली।।1

करय झकोरा करिया चूंदी,जस बदरी मतवाली...
फूल मोंगरा कस डोलय ओ,तोर कान के बाली....

लाली लुगरा पहिरे गोरी,मुड़ मा खोंचे गजरा।
हिरनी जइसन आँखी तोरे,फभथे वोमा कजरा।।2

गाँव गली अउ खेत खार मा,तोर होत हे चाली....
फूल मोंगरा कस डोलय ओ,तोर कान के बाली....

तोर पाँव हे गोरी गोरी,खनकावत हस पायल।
मुचमुच ले मुस्काके रानी,कर देथस तँय घायल।।3

तोर बिना ओ पारा सुन्ना,लगथे खाली खाली....
फूल मोंगरा कस डोलय ओ,तोर कान के बाली....

हवय नाक मा फुल्ली तोरे,लगे माथ मा बिंदिया।
कनिहा लागय पातर लिकड़ी,ले जाही का निंदिया ।।4

तोर बाँह मा करिया डोरी,लगथस भोली भाली....
फूल मोंगरा कस डोलय ओ,तोर कान के बाली....

गीत
डी.पी.लहरे
बायपास रोड कवर्धा
दिनाँक 23-01-19

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