सार छंद गीत दया मया
सार छंद गीत
(दया मया)
उजरत कखरो घर ला संगी,मिलके चलव बसाबो।
दया मया के रस धारा मा,नइयाँ पार लगाबो।।1
झन रोवँय पीरा मा कोनो,पीरा सबो मिटाबो।
उजरत कखरो घर ला संगी,मिलके चलव बसाबो..
मिटय सबो के पीरा संगी,सबला बने हँसाबो।
दीन दुखी सब मनके मन के,हम लाठी बन जाबो।।2
भेद भाव ला हमन भुला के,आगू हाथ बढ़ाबो।
उजरत कखरो घर ला संगी,मिलके चलव बसाबो..
सत के रस्ता चलँय सबो झन,सत रस्ता देखाबो।
रहय अँजोरी सबके जिनगी,उजियारा जी लाबो।।3
दया मया के दीया संगी,मिलके आज जलाबो।
उजरत कखरो घर ला भाई,मिलके चलव बसाबो..
मया बाँधबो सब मनखे बर,छाती अपन लगाबो।
बने रहय जी भाई चारा,जिनगी सुघर पहाबो।।4
सुमता के रस्ता मा चलके,दुनिया ला देखाबो।
उजरत कखरो घर ला संगी,मिलके चलव बसाबो..
गीत
डी.पी.लहरे
बायपास रोड़ कवर्धा
दिनाँक 20-01-19
Comments