मयारू बेटी सार छन्द गीत
सार छन्द गीत
बेटी पढ़ाओ..
मोर दुलौरिन बेटी तँय हा, हर दिन इसकुल जाबे।
गुरू ज्ञान के हवय खजाना,ज्ञान गुरू ले पाबे।।1
बने करम तँय करके बेटी,गुरू बचन अपनाबे..
मोर दुलौरिन बेटी तँय हा, हर दिन इसकुल जाबे..
पढ़े लिखे मा जिनगी सुधरे,भाग अपन सुघराबे।
कापी पुस्तक पढ़ ले बेटी,ज्ञान बने तँय पाबे।।2
ज्ञान बिना ये जग अँधियारा,शिक्षा जोत जलाबे..
मोर दुलौरिन बेटी तँय हा, हर दिन इसकुल जाबे..
मन मा धरके गुरू बचन ला,ज्ञान बने बगराबे।
सत मारग मा चलके बेटी,जिनगी सुफल बनाबे।।3
बनके साहब तँय हा बेटी,दुनिया ला देखाबे..
मोर दुलौरिन बेटी तँय हा,हर दिन इसकुल जाबे..
अपन ददा के राज दुलारी,बेटी फरज निभाबे।
दया मया ला मन मा रखबे,दुख पीरा बिसराबे।।4
गाँव शहर परिवार सबो के,तँय हा शान बढ़ाबे..
मोर दुलौरिन बेटी तँय हा, हर दिन इसकुल जाबे..
गीत
डी.पी.लहरे
बायपास रोड़ कवर्धा
दिनाँक17-01-19
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