करिया बादर सार छंद गीत

सार छंद गीत
करिया बादर..

छाय घटा ये करिया बादर,बरसावत हे पानी।
बिजली चमके बादर गरजे,बरसे बरखा रानी।।1

उमड़ घुमड़ के बरसत हावय,करय अपन मनमानी..
छाय घटा ये करिया बादर,बरसावत हे पानी..

सनन सनन बड़ हवा चलय जी,जाड़ा लागय भारी।
चिखला माते गली खोर मा,डर लागय अँधियारी।।2

ऐती ओती चारो कोती,दउँड़य सबो परानी..
छाय घटा ये करिया बादर,बरसावत हे पानी..

हरियर हरियर रुखुवा होगे,होय मगन फुलवारी।
तरिया नदिया नरवा बाँधा,आगर झलकय धारी।।3

करम फूल उपजावँय भइया,करय किसान किसानी..
छाय घटा ये करिया बादर,बरसावत हे पानी..

बिजली चमके बादर गरजे,बरसे बरखा रानी..
छाय घटा ये करिया बादर,बरसावत हे पानी..

गीत डी.पी.लहरे
कबीरधाम 🙏
दिनाँक 25-01-19

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