काहे देर करी

गोरी आओ ना,याद तेरी आती है।
काहे देर करी,कितना सताती है-2

हम तो समझे थे,देर ना लगाओगी।
आके दिले दर्द,तुम ही मिटाओगी-2

याद तेरी सनम,मुझे तड़पाती है
काहे देर करी,कितना सताती है-2

सुन दीवानी,तुम्हारी नादानी है।
देखो मेरी भी,चढती जवानी है-2

बाहें मेरी,सनम तुझे बुलाती है।
काहे देर करी,कितना सताती है-2

प्रेम राधा ने,श्याम का निभाया है।
तभी राधा और, श्याम प्रेम छाया है-2

पा के बंशी का धुन,राधा नाची है
काहे देर करी,कितना सताती है-2

गोरी आओ ना,जान मेरी जाती है।
काहे देर करी,कितना सताती है-2

शब्द रचना
डी.पी.लहरे
बायपास रोड कवर्धा
दिनाँक 3-12-18

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