वियोग श्रृंगार
छप्पय छंद
सुरता वियोग श्रृंगार
देखँव रसदा तोर,करौंदा दउड़े आबे।
मन बगिया मा मोर,मया के बोली पाबे।
आबे संगी आज,मोर मन हे मतवाला।
तोला करँव पुकार,मयारू मँय दिलवाला।
ढ़रगे आँसू देख ले,नैना रोवय मोर ओ।
सुरता गजब सतात हे,अब तो ले ले शोर ओ।
शब्द रचना डी.पी.लहरे
Comments