तेरी याद
हरपल तेरी याद में,
रोज मैं"जिया"करता हूँll
पाया जबसे तुझको प्यारी,
तेरा नाम"लिया"करता हूँll
आबाद रहे मोहब्बत,
फरियाद"किया"करता हूँll
जन्नत मुझको देने वाली,
दुआ तुझे"दिया"करता हूँll
जहान मेरी तुम ही तो हो,
खुदा मान"लिया"करता हूँll
मेरी हाथों के हो लकीर,
तुझमें ही"जिया"करता हूँll
बुझती नहीं है प्यास प्रिये,
बस प्यार"किया"करता हूँll
प्रेम अमृत का है प्याला,
मैं रोज"पिया"करता हूँll
शब्द रचना
डी.पी.लहरे
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