सपना
वियोग श्रृंगार
सपना ला तोरे सजाये हवँव गा,
हिरदे मा तोला बसाये हवँव गा..
रस्ता तोरे देखँव मँय टुकूर टुकूर,
सुरता मा लागय मोला भुकूर भुकूर..
आबे मयारू तँय मोर अंगना,
तोर नाँव के चूरी पहिरे हँव कंगना..
कान मा झूमका होठे मा लाली मोर,
माथा के टिकली हा करथे अंजोर..
अंगरी के मुंदरी के हरियर हे नंग,
सजना लगाले मोला रे अपन संग..
गुलाबी साड़ी आँखी मा आँजे कजरा,
आबे मन मोहना झन होबे रे तँय लबरा..
सुरता ला राजा मँय काला रे बताँव,
अंतस के पीरा मँय काला रे देखाँव..
आँखी के पुतरी मा तहीं झूले ना,
मोर मन के बगिया मा फूल फुले ना..
सुरता आथे जोही तोरेच रेंगना,
बांध लेबे संगी मया के बंधना..2
रचनाकार
डी.पी.लहरे
बायपास रोड कवर्धा
दिनाँक 23-11-18
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