बेनी फूल गजरा

मनहरण घनाक्षरी-श्रृंगार

बेनी फूल गजरा हे,आँखी आँजे कजरा हे।
होंठ दिखे चूक लाल,करे ओ सिंगार हे।

माथा मा टिकुलिया हे,चमकत चंदा जस।
गोरी नारी रूप सोहे,लगथे बहार हे।।

मुख हे गुलाब जस,अँग हे शराब जस।
चढ़ती जवानी दिखे,नखरा हजार हे।।

कारी कारी चूँदी उड़े,बिनौरी कमाल दिखे।
झुमका बवाल करे,सजे तइयार हे।।

डी.पी.लहरे बायपास रोड़ कवर्धा

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