सजल (साही स्नान )

*लबों पे रहने दो मुस्कान,*
*यही है मेरी अब अरमान।।*

*हवा में उडने दो जुल्फ अब,*
*करो जी मुझपे तुम अहसान।।*

*लबों पे है मधुरस की धार,*
*अंग है महके फूल समान।।*

*समा जाए दिल तुझमे यार,*
*काश मिल जाता वो वरदान।।*

*देख लेने दो तुझे जी भर,*
*हमारा दिल तो है नादान।।*

*अदाएँ अब दिखलाओ प्रिया*
*प्रेम की अब तुम छेड़ो तान।।*

*प्रिया तुम मैं हूँ तेरा सजन,*
*एक दूजे का हैं हम जान।।*

*करो तुम बारिश अब प्रेम की,*
*करेंगे दोनों साही स्नान।।*

शब्द रचना
डी.पी.लहरे
बायपास रोड़ कवर्धा

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