चौपाई छन्द (दीपावली)


साथी दीप जलाओ प्यारा।
मिट जाये जग के अँधियारा।।
रोटी कपड़ा और मिठाई।
दीनों में भी बाँटो भाई।।

हो जाये तन मन उजियारा।
जगमग होवे दुनिया सारा।।
अहंकार का करो बिदाई।
मानुष हैं सब करो भलाई ।।

लगती दीपावली सुहानी।
करती सबकी हरण विरानी।।
आओ मिलकर खुशी मनायें।
घर आँगन में दीप जलायें।।

घर आँगन को खूब सजाओ।
मन में मानव भाव बसाओ।।
शोर प्रदूषण मार भगाना।
छोड़ पटाखे नहीं जलाना।।

पेड़ लगाकर कर हरियाली।
धरती माँ की कर रखवाली।।
काम स्वच्छता का अपनाओ।
बाहर कूड़ादान बनाओ।।

घर में ही पकवान बनाना।
खुशी खुशी सब मिलके खाना।।
काम करो ना बैठो खाली।
आप सभी को शुभ दीवाली।।

रचनाकार - डी.पी.लहरे
बायपास रोड़ कवर्धा
दिनाँक 26-10-18

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