रात हो जाए..
ये जुल्फें यूँ ना बिखराओ..
कसम से रात हो जाए..
क्यूँ आँखें बंद करती हो..
नयन से बात हो जाए..ll1
ये चेहरा है या कोई..
चाँद का टुकड़ा..
देखता ही रहूँ हरदम..
यूँ तेरे चाँद सा मुखड़ा..ll2
सनम अब ना सताओ तुम..
दिलों में आग लग जाए..
कसम से मेरी धड़कन में..
प्रेम का राग बन जाए..ll3
ओ सुन ले मेरी साहिबा..
जवानी चार दिन की है..
ढ़ल जायेगा ये बदन..
अभी तो प्यार का दिन है..ll4
यूँ नखरा छोड़ जानेमन..
चलो इकरार कर जाएँ..
अब दिल की हालत मान..
सनम चलो प्यार कर जाएँ..ll5
रचना.डी.पी.लहरे
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