ददरिया


(लड़का)---
सपना मा आके,
तँय जगाये काबर ओ..
तोरे सुरता सताथे मोर मयारू..
तँय रोवाये काबर ओ..
तोरे सुरता सताथे मोर मयारू..

(लड़की)---
नदिया के तीर मा,
तँय बलाये काबर गा..
दउड़े दउड़े मँय आयेंव मोर मयारू..
तँय तरसाये काबर गा..
तोरे सुरता सताथे मोर मयारू..

(लड़का)---
नदिया के पानी,
ए मारत हे हिलोर..
काबर मया बढ़ा के मोर चिरईया..
तँय लेवच नहीं सोर..
मोला सुरता रोवाथे मोर मयारू ..

(लड़की)---
सपना मया के,
नइ देखावँव तोला गा..
तोर संग बिहाव रचाहूँ मोर मयारू..
ए तँय हा लेके डोला आ..
तोरे सुरता सताथे मोर मयारू..

(लड़का +लड़का)--
तोरे सुरता सताथे मोर मयारू..
तोरे सुरता सताथे मोर मयारू..

गीत-डी.पी.लहरे
कवर्धा छत्तीसगढ़

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