वफाओं के बदले(गज़ल)

गज़ल

वफ़ाओं के बदले वफ़ा चाहता हूँ
मेरे दर्द दिल का दवा चाहता हूँ!!

गुलशन में महके हमारी मोहब्बत
मोहब्बत वाली वो हवा चाहता हूँ!

रह रह के उठती है दिल में तरंगे
मोहब्बत अपना जवाँ चाहता हूँ!

कह दो ना तुम भी दिल की बातें
मैं भी तुम्हारी वो रजा चाहता हू!

यूँ ना शरमाओ सनम पास आओ
मोहब्बत वाली वो अदा चाहता हूँ!

दिल मुस्कुराया तु भी मुस्कुरा दे
हमारी जिंदगी में मजा चाहता हूँ!

वफ़ाओं के बदले वफ़ा चाहता हूँ
मेरे दर्द दिल का दवा चाहता हूँ!

शब्द रचना
डी.पी.लहरे
दिनाँक 21-10-18

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