चंदा असन चेहरा

चंदा असन चेहरा..
श्रृंगार रस

मस रंग के लुगरा गोरी,
पोलखा लाली लाली हे।
चंदा असन चेहरा दिखे,
आँखी हा कजराली हे।।1

खोपा मा फूल गजरा,
गर मा पहिरे रुपिया।
जीव ला ले डारे गोरी,
तोर मोहनी सुरतिया।।2

हाथ मा बने चूरी पहिरे,
ये दे मारय गोरी नखरा।
कान के झूमका हाले डोले,
बही उड़त हवय अँचरा।।3

बाँह मा हवे नाँगमोरी,
ककनी अउ बनुरिया।
मन करथे बना लेतेंव,
तोला ओ जहूँरिया।।4

मोती असन झरत हे
दीवानी के मुस्काई।
देख के मन होगे मतौना,
मन मोहनी के बेबलाई।।5

शब्द रचना
डी.पी.लहरे

Comments

Popular posts from this blog

लक्ष्मण मस्तुरिहा

छत्तीसगढ़ महतारी

मरिया भात..