परदेशी पिया.....
बालम तुम हो परदेश में,
मेरी कटती नहीं दिन रैन।
तेरे बिना मेरे साजना,
मेरी भीगी भीगी दो नैन।।
तेरे आने की दुआ माँगी हूँ,
तुम्हे पाने की दुआ माँगी हूँ।
आती है याद पल पल पिया,
धड़ धड़ धड़कता है जिया।।
हो के जुदा रह पाऊँ कैसे,
ये दिल को बहलाऊँ कैसे।
आ भी जा इंतज़ार है जानू,
दिल मेरा बेकरार है जानू।।
तन्हा गुजरती है,जां मेरे दिन,
अच्छी नहीं दुनिया तेरे बिन।
याद तेरी दिल को छू जाती
तुम्हारी याद बहुत रूलाती है।।
आती है याद पलपल सजना,
तेरी मीठी मीठी ओ बैन।
तुम्हें देखने से ही आती बलमा,
मेरे उजड़ते दिल को चैन।।
स्वरचित-डी.पी.लहरे
सर्वाधिकार सुरक्षित है
Dplahre87@gmail.com
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