तोर सुरता


तोर सुरता घेरी बेरी आथे जोही मोला..
तोर चेहरा देख लेतेंव तरसत रथे चोला..

सपना म आके मोर जीव ल जलाथस,
दुरिहा जाके  गोरी मन ल ओ रोवाथस।
अइसे लगे तँय का? भुला जाबे मोला..
तोर सुरता घेरी बेरी आथे जोही मोला..
तोर चेहरा देख लेतेंव तरसत रथे चोला..

कुछु सुहाय नहीं मन धकर धकर करथे..
तोर से मिले बर मन लकर लकर करथे..
मन मंदिरवा म मँय बसा डारेंव तोला..
तोर सुरता घेरी बेरी आथे जोही मोला..
तोर चेहरा देख लेतेंव तरसत रथे चोला..

मनमोहनी,तोर सुरता म खवावय नहीं..
दिल जोगनी,अनपानी ह सुहावय नहीं..
हाय मिठलबरी मँय जान डारेंव तोला..
तोर सुरता घेरी बेरी आथे जोही मोला..
तोर चेहरा देख लेतेंव तरसत रथे चोला..

गीत - डी पी लहरे
सर्वाधिकार सुरक्षित है
Dplahre87@gmail.com

Comments

BAHUT hi jyada sundar kavita gurudev
DP LAHRE"MAUJ" said…
बहुत-बहुत धन्यवाद
DP LAHRE"MAUJ" said…
बहुत-बहुत धन्यवाद

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