हमसफ़र

हमसफ़र

तेरी चंचल हँसते नज़र है,
दिल दिवाना इस कदर है।।

मतवाला हो गया दिल मेरा,
ये तेरी आँखों का ही असर है।।

आँखों की मदहोशियाँ बताती है
जान तुम संग ही जिन्दगी बसर है।।

झील सी आँखों में  डूब जाऊँ,
तु ही मेरी सुबह शाम दोपहर है।।

कातिल अदाएँ, होश उड़ाये,
सुनहरा तेरा रूप,हुस्न शहर है।।

बिन तुम्हारे बेजान हूँ प्यारी ,
जिन्दगी में  तुम्हारी ही कसर है।।

मोहब्बत में हार जीत होती नहीं,
इश्क़ तो फूलों का सफ़र है।।

फूलों की जगह दिल बिछा दूँ,
हमऩशी तु मेरी हमसफ़र है।।

रचना डी पी लहरे
सर्वाधिकार सुरक्षित है
Dplahre87@gmail.com

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