ख़ुद के लिए
ख़ुद के लिए....
दिवाना हूँ मस्ताना हूँ
और आशिकाना हूँ
दिल में ख़ुशियों की उमंग है
और शायराना हूँ !!!!
हँसते हँसाते गुजर रहा
है जिन्दगी ख़ुशी से
मैं ख़ुदा का नज़राना हूँ!!!!
ख़ुदा के आगे नहीं मेरी हैसियत
हँसी है मेरी खासियत
मैं खुशियों का ठिकाना हूँ!!!!
ख़ुदा का दिया सब कुछ मिला है
दुआओं से ही जीवन मिला है
मैं दुआओं का तराना हूँ!!!!
फूलों से दोस्ती कांटों से यारी है
मजे में दोस्तों जिन्दगी हमारी है
मैं खुशबू का खजाना हूँ!!!!
ख्वाब नहीं ये हकीकत है
मुुुुझे सब की जरूरत है
जो मुझे समझे ओ अफसाना हूँ!!!
खुद के लिए क्या लिखूँ मैं
कुछ नहीं मुझमें क्या देखूँ मैं
नासमझ के लिए विराना हूँ!!!!
जो समझे मेरी अंदाज़
जो समझे मेरी अल्फ़ाज़
मैं वही 20वी सदी का जमाना हूँ!!
शब्द -रचना डी पी लहरे
सर्वाधिकार सुरक्षित है
Dplahre86@gmail.com
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