दरिया दिल
दरिया दिल
आओ प्यार के गहनें पहना दूँ तुझे
एक दरिया है दिल में नहला दूँ तुझे
जादूगरनी अपनी प्यारी आँखें न छूपा
अपनी चाँद सा रौशन चेहरा तो दिखा
बहुत चेहरा देखे दिल न किसी पे आया
दिल में तुम हो इस दिल ने तुमको पाया
हर रोज तेरी यादो के साथ चलथे हैं
तेरी यादों में सुबह शाम रात ढ़लते हैं
नाज़ुक फूल समझ कर न तोड़ मुझे
शोख नज़र मुझसे मिला न छोड़ मुझे
नागिन की तरह यूँ बलखा के चल
जरा ज़ुल्फ घनेरी यूँ लहरा के चल
अरे तेरा शबाब जैसे खिलता गुलाब
तुम मेरे महताब हो सच में लाजवाब
आओ दिलबर प्यारी सजा दूँ तुझे
एक रंग मोहब्बत का लगा दूँ तुझे
शब्द रचना डी पी लहरे
सर्वाधिकार सुरक्षित है
Dplahre86@gmail.com
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