छत्तीसगढ़ी गीत

छत्तीसगढ़ी गीत

आबे मनमोहनी

आबे मन मनमोहनी तँय मोर मया के गाँव म
आबे मन मनमोहनी तैं मोर मया के गाँव म----

मेला घुमाहूँ तोला झूलना झुलाहूँ तोला बर पीपर के छाँव म
आबे मन मनमोहनी तैं मोर मया के गाँव म
आबे मन मनमोहनी तैं मोर मया के गाँव म----

!!1!!
मया पिरितिया के बाँध लेबो बँधना
तैंहा मोर मन के रानी मैंहा तोर सजना
मया पिरितिया के बाँध लेबो बँधना 
तैंहा मोर मन के रानी मैंहा तोर सजना

हाथ बर चुरी लेहूँ नाक बर फूली लेहूँ
पैरी पहिराहूँ तोर पाँव म....
आबे मन मनमोहनी तँय मोर मया के गाँव म
आबे मन मनमोहनी तँय मोर मया के गाँव म----

!!2!!
सँग सँगवारी ल कईसे ओ भुलागे
बनके चिरइया बैरी कहाँ तँय उड़ागे
सँग सँगवारी ल कईसे ओ भुलागे
बनके चिरईया बैरी कहाँ तँय उड़ागे

रस्ता जोहत हावँव सुरता करत हावँव
मोर हिरदे बसे हे तोर नाँव म....
आबे मन मनमोहनी तँय मोर मया के गाँव म
आबे मन मनमोहनी तँय मोर मया के गाँव म

!!3!!
मया फूल चढ़ा के दूनो देवता ल मनाबो
छूटय झन मया हमर मया के गीत गाबो
मया फूल चढ़ा के दुनो देवता ल मनाबो
छूटय झन मया हमर मया के गीत गाबो

सँगी अब झन सताना दवई लगा दे आना
मोर हिरदे के घाँव म....
आबे मन मनमोहनी तँय मोर मया के गाँव म
आबे मन मनमोहनी तँय मोर मया के गाँव म

मेला घुमाहूँ तोला झुलना झूलाहूँ तोला बर पीपर के छाँव म
आबे मन मनमोहनी तँय मोर मया के गाँव म
आबे मन मनमोहनी तँय मोर मया के गाँव म।।।

शब्द रचना --डी पी लहरे
सर्वाधिकार सुरक्षित
dplahre87@gmail.com

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