गाना

गाना...

झन तैं मार मोला
झन तैं मार मोला ये नैना के बान..
छुटत हे परान बही छुटत हे परानl

चंदा हवे तोर चेहरा ऑखी म काजर ऑजे
देख देख तोर रूप ल जोही चंदा घलो लजागे।।

आजा न झन तरसाना
आना न झन तडपाना
धर ले मोरो धियान...
छुटत हे परान बही छुटत हे परानl

झन तैं मार मोला
झन तैं मार मोला ये नैना के बान..
छुटत हे परान बही छुटत हे परानl

मुड़ ढाॅक मुंह ल तोपे
हाथ म मुंदरी पहिरे
जेन देखे तेन अधरूप ल तोर
तोला सुंदरी कहिथे

अब तोर रूप देखा दे
मया के धूप देखा दे
करदे नवा बिहान...
छुटत हे परान बही छुटत हे परानl

झन तैं मार मोला
झन तैं मार मोला ये नैना के बान..
छुटत हे परान बही छुटत हे परानl

तोर मया के फूलवारी म भौंरा बनके आहूँ
तोर मया ल पाके मैं दुख दरद बिसराहूँ

मान जाना मोर कहना
ए ओ मोर फूल कइना
तहीं मोर गीता अऊ कुरान...
छुटत हे परान बही छुटत हे परानl

झन तैं मार मोला ये नैना के बान..
छुटत हे परान बही छुटत हे परानl

रचनाकार-डी पी लहरे
कबीरधाम

Comments

Unknown said…
Nice songs big bro

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