छंद गीत बहार
छन्द गीत बहार विश्व का पहला छत्तीसगढ़ी छन्दबद्ध गीत की किताब द्वारिका प्रसाद लहरे"मौज" प्रकाशक -------------------------------------------------- समर्पण मँय द्वारिका प्रसाद लहरे"मौज" अपन छत्तीसगढ़ी छन्द बहार गीत संग्रह ला मोला जनम देवइया मोर बाबू श्री त्रिलोकी लहरे दाई उर्मिला देवी लहरे अउ मोर गुरूदेव मन के चरण कमल मा सादर अरपन करत हँव। ----फोटो.. मातु-पिता के पाँव मा,सदा नवावँव माथ। रहय मूँड़ मा मोर जी,मातु-पिता के हाथ।। गुरू समर्पण फोटो.. मन अँधियारी टार के,करय सदा उजियार। गुरुवर चरणन मा करँव,वंदन बारंबार।। ---------------------------------------------------- भूमिका "छत्तीसगढ़ी के पहिली छन्द-गीत संग्रह" : "छन्द-गीत बहार" छत्तीसगढ़ के कवि, गीतकार अउ छन्दकार द्वारिकाप्रसाद लहरे जी के पाण्डुलिपि "छन्द गीत बहार" पढ़के सोचत हँव कि "गीत" शब्द अपन संग अनेक विशेषण रखथे जइसे लोक-गीत, बाल-गीत, नव-गीत, अ-गीत, अति-गीत, प्र-गीत, मुक्त-गीत, छन्द-गीत आदि, तभो पद्य मा "छन्द-शास्त्र" असन "गीत-शास्त्र" के कहू...