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विरह गीत

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विरह गीत... *नायक* गुनत रइथौं मैं दिनरात,मोर मया ल ओ भुलाके तैं *नायिका* कब होही संगी मुलाकात,मोर मया ल तैं भुलाके रे। *नायक* *चढ़ान*-जिंवरा हा कलपत हावय देखे बर तोला ओ-2 *पटक* कर डारे गोरी तैं बेहाल,मोर मया ला ओ भुलाके तैं गुनत रइथौं..... अंतरा(1) *नायक* तोर बिन मैं कइसे राहँव,मुश्किल हे जीना ओ.. *नायिका* आँखी के आँसू होगे,छिन-छिन  मा पीना रे... *चढ़ान* जिंवरा हा कलपत हावय देखे बर तोला रे-2 *पटक* का करौ पीरा के बखान,कइसे मैं पीरा ल दिखावँव रे... गुनत रइथौं.... अंतरा(2) *नायक* बादर के चंदा जइसे,कहाँ लुकागे ओ *नायिका* सुवा परेवना जइसे,कहाँ उड़ागे रे *चढ़ान* जिंवरा हा कलपत हावय देखे बर तोला रे-2 *पटक* तोर बिना होगें हँव परेशान, का मोहनी मया के खवाये तैं गुनत रइथौं... अंतरा(3) *नायक* संसो मा रे संगवारी,चोला हा चूरत हे *नायिका* ए तन हा रे निरमोही,माटी कस घूरत हे *चढ़ान* जिंवरा हा कलपत हावय देखे बर तोला रे-2 *पटक* अब चाही संगी रे तोर साथ,तन मन मा मोर तैं समाये रे.. गुनत रइथौं.... गीतकार डी.पी.लहरे"मौज" कवर्धा छत्तीसगढ़

विरह गीत

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करमा ताल सैड सांग कहूँ तँय मोला छोड़ के जाबे रानी रे.. पछताबे रानी रे पछताबे रानी रे.. मोर सहीं मयावाला तैं  दिलवाला.. कहाँ पाबे रानी रे... कहाँ पाबे रानी रे.... कहूँ तँय मोला छोड़ के जाबे रानी रे.. पछताबे रानी रे पछताबे रानी रे.. अंतरा(1) दिल ला खिलौना समझे,का होगे तोला ओ। आँखी मा आँसू देके,छोड़े तँय मोला ओ।।-2 मोर सहीं मयावाला तैं  दिलवाला.. कहाँ पाबे रानी रे... कहाँ पाबे रानी रे.... अंतरा(2) तँय मोर हीरा मोती,तँय मोर सोना  रे। कर डारे जिनगी मा,तँय मोर रोना रे।।-2 मोर सहीं मयावाला तैं  दिलवाला.. कहाँ पाबे रानी रे... कहाँ पाबे रानी रे.... कहूँ तँय मोला छोड़ के जाबे रानी रे.. पछताबे रानी रे पछताबे रानी रे.. मोर सहीं मयावाला तैं  दिलवाला.. कहाँ पाबे रानी रे... कहाँ पाबे रानी रे.... गीतकार डी.पी.लहरे"मौज" कवर्धा छत्तीसगढ़

गीत..।

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करमा ताल सैड सांग मोर सपना ला करे चूरचूर कइसे मोर ले तँय होगे दूर-दूर।-2 बताना रानी रे हे मोर का कशूर-2 अंतरा(1) टोरना रहिसे रिश्ता ला,त काबर मोला रिझाये। जहर जुदाई वाले ओ,काबर मोला पियाये।।-2 कइसे तड़पे बर करे मजबूर-2 बताना रानी रे हे मोर का कशूर मोर सपना ला...... अंतरा-(2) मोर मया के बदला मा,मोला अतका दगा झन दे। मर जाहू अलग होगे,मोला अतका सजा झन दे।-2 तहू रोबे मोला छोड़ के जरूर-2 बताना रानी रे हे मोर का कशूर-2 गीतकार- डी.पी.लहरे"मौज" कवर्धा छत्तीसगढ़